देते हैं यार धोखा ,दिलके करीब आके |
किस दुश्मनी का मुझसे , बदला लिया है यारा !
१:- शाम सूरज को
ढलना सिखाती है,शमा परवाने को जलना सिखाती है
आगे बढने में आती है
तकलीफे कई, लेकिन ये तकलीफे ही तो इंसान को
आगे बढ़ना सिखाती है
२:- दर्द में कोई
मौसम प्यारा नही होता, दिल हो प्यासा तो पानीसे गुजra नही होता
कोईतो देखे हमारी
बेबसी, हम सबके होजाते पर कोई हमारा नही होता
३:-सितारों में
अकेला चाँद जगमगाता है, अकेला इंसान डगमगाता है
काँटों से मत घबराना
ऐ दोस्त, क्योकि कटो` मे ही अकेला गुलाब मुस्कुराता है
४:-आज खुदाने फिर
पूछा,तेरा चेहरा उदास क्यों है,तेरी आखों में प्यास क्यों है
जिसके पास तेरे लिये
वक्त नही है, वही तेरे लिए खास क्यों है
५:-फूल को कभी खुश्बू
का एहसास नही होता, हरकिसी-पर दिल को विब्श्वास नही होता
जरूर खुदा मेहरबान
है मुझपर,बरना आप जैसा प्यारा दोस्त मेरे पास नही होता
६:-प्यार आपस में
बढाओ तो कोई बात बने, समाज को एक बनाओ तो कोई बात बने
एक धक्के से नही
होनेको है ..............,जोर पुरजोर लगावो तो कोई बात बने
७;-संघर्षो के शाये में असली आजादी पलती है, इतिहास उधर मूढ़जाता है जिस ओर जवानी चलती है
